रविवार, 13 फ़रवरी 2022

भारत रत्न लता मंगेशकर

कोकिल कंठी, भारत रत्न लता मंगेशकर जी ल

विनम्र श्रद्धांजलि:

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मध्यप्रदेश इंदौर रियासत के नाम जइसे ही मन मा आथे, सुध-बुध मा संगीत-साहित्य के संचार हो जाथे। ये रियासत हा बड़े बड़े साहित्यकार, अभिनेता, कवि, संगीतकार ला जनम दे हे। इही रियासत मं 28 सितंबर सन् 1929 मं प्रसिद्ध मराठी संगीतकार दीनानाथ मंगेशकर के घर पहली संतान के रूप मं लता मंगेशकर के जनम होइस। पिता, संगीतकार होय के कारण घर मं साहित्य, संगीत के कक्षा निरंतर चलत रहय इही कारण बचपन ले लता के संगे-संग आशा, मीना, उषा अउ हृदयनाथ मंगेशकर पांचों बहन-भाई ला संगीत कला विरासत मं मिलिस। लता जी बचपन ले ही गायिका बनना चाहत रहिस। निर्माता कुंदन लाल सहगल के फिल्म “चंडीदास” ले लता बहुत प्रभावित होइस।

एक दिन पिता के अनुपस्थिति मं संगीत कक्षा लता जी ल देखना पड़गे। सबों विद्यार्थी लता जी के स्वर-साधना मं झूमगे। पिता जी बेटी लता के संगीत स्वर ज्ञान देख अचंभित होगे। अउ कक्षा के दुआरी मं तब तक खड़े रहिस, जब तक संगीत पाठ समाप्त नइ होगे। दीनानाथ जी ला बेटी के भीतर सरस्वती पाके बड़ गर्व होइस।

फिल्म-कीर्ति मं लता जी पहली बार गायिका के रुप काम करिन।  पिताजी नइ चाहत रहिस कि लता फिल्म-संगीत के दुनिया मं कदम रखय। पिता के अनुरोध मं फिल्म ले लता के आवाज हटाए बर पड़िस।

1950-55 के दशक मं फिल्म दुनियां ल हर कोई पसंद नइ करत रहिन। फिल्म मं बेटी जात के  काम करना एक अच्छा घर खानदखान के पहचान नइ माने जाय।

फेर समय ल कोन जानथे, जेन जेकर बर बने रथे ओला बनाय बर समय खुद रद्द बना देथे। 1942 मं पिता के 41 वर्ष के उम्र मं असमय निधन के कारण घर के आर्थिक स्थिति खराब होंगे। चारों भाई बहन मन के पालन-पोषण की जिम्मेदारी के चिंता बड़े दीदी लता ऊपर आगे अइसन परिस्थिति मं बेटी लता,बेटा बनके घर के भार ला बोहलिस।

 परिवारिक जिम्मेदारी खातिर लता जी ला हिंदी और मराठी फिल्म मं काम करना पड़िस। अभिनेत्री के रूप मं उंकर प्रथम फिल्म मंगलागौर रहिन। 1952 मं फिल्म *बड़ी मां* मं लता जी नूरजहां के संग अभिनय करिन। स्वर के रानी ला भला फिल्म अभिनेत्री के रूप मं कइसे मया मिलय? ओला तो संगीत के सिन्हासन मं बईठना रहिस। 1942 मं लता जी के गायन शैली, मधुर कंठ सबके सामने आगे।

फिल्म *महल* के गीत- “आयेगा आनेवाला” सबके जुबान मं आगे। ये फिल्म लता के संगे संग अभिनेत्री मधुबाला घलो ला प्रसिद्ध बनादिस। एंकर बाद एक ले बढ़के एक हीट गीत मं लता जी के नाम लीखागे ।  लता जी कोरी भरके भाषा ले भी ज्यादा भाषा मं 40,000 ले भी ज्यादा गीत गा चूके हे। दुनिया मं सबले ज्यादा गीत गायन के गिनीज बुक रिकॉर्ड घलो उंकर नाम हे।

बछर 1958 ले 1962, 1965, 1969, 1993 अउ 1994 मं लगातार फिल्म फेयर पुरस्कार मिलिस।

 संगे-संग पद्म भूषण, दादा साहब फाल्के, राजीव गांधी पुरस्कार, महाराष्ट्र भूषण जिसे विशिष्ट पुरस्कार उंकर झोला मं हे।   आत्मा ही का नाम ले पुरस्कार की घोषणा अलग स्थान देते लता मंगेशकर फिल्म इंडस्ट्री के व्यक्तित्व भारत दादा साहब फाल्के पुरस्कार के विद्यालय के

लता मंगेशकर फिल्म इंडस्ट्री के पहली अइसन व्यक्तित्व आय जेन भारत रत्न और दादा साहब फाल्के पुरस्कार ले विभूषित हे। लता जी छ: भारतीय विश्वविद्यालय के साथ न्यूयार्क विश्वविद्यालय ले डी.लिट. के मानद उपाधी ले विभूषित हे। लता जी के जित्ते-जियत उंकर नाम ले पुरस्कार के घोषणा उॅंनला विशिष्ट दर्जा वाले पहली पंक्ति मं खड़ा करथे। अइसन विभूति के जगह भविष्य पर कोई ले नइ सकय। 6 फरवरी 2022 के दिन भले उंकर शरीर पंचतत्व मं मिलगे फेर कलाकार कभू मरय नही वो सदा अमर रथे। अइसन व्यक्तित्व, स्वर के देवी ला मोर शत शत नमन।

✍️मिलन मलरिहा

मल्हार बिलासपुर छत्तीसगढ़


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