बुधवार, 14 अक्तूबर 2015

नव दिनबर आए दाई

नव दिनबर आए दाई
मनदिर तोर सजगे ओ
नवरात्री मल्हार रतनपुरे
ढोल नंगाड़ा बजगे ओ
पहली दिन आए शैलपुत्री
हिमालय के बेटी कहाए ओ
दूसरेच दिन आए ब्रह्मचारनी
तपस्या के मान बताए ओ
नव दिनबर......................

तीसरदिन दाई चन्द्रघनटा
दसो हाथ आशिष देहे ओ
चौथा दिन हे कुसमान्डा
अलख ब्रह्मान्ड बसाए ओ
नव दिनबर....................

पाचवेदिन दाई स्कंदमाता
जीवजनतु ल आसीस देहे ओ
छठे हे दिन कव्यायनी दाई
बैधनाथ म बइठे बिराजे ओ
नव दिनबर......................

सातवे दिन हे कालरातरी
तय काली खप्परवाली ओ
आठवेदिन म दाई महागौरी
शिव-पारवती जगदम्बा ओ
नव दिनबर......................

सिद्धीदातरी नवेदिन ए दाई
नंदा परवत वासीनी दाई
अधानारीपुरुष तोर रुप ओ
मलरिहा खड़े आसीस बर
डिड़ीनदाई दरसन दे दे ओ
नव दिनबर आए दाई
मनदिर तोर सजगे ओ
नवरात्री मल्हार रतनपुरे
ढोल नंगाड़ा बजगे ओ।।


मिलन मलरिहा
मल्हार बिलासपुर

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